पाप नष्ट करने वाला होता है भगवान का नाम: आत्मानंदपुरी महाराज


गवान का नाम सभी पाप नष्ट करने वाला होता है। कलयुग में भगवान का नाम ही सर्वोपरि होता है। उक्त बात शिवशक्ति योग मिशन द्वारा गीता भवन प्रांगण में आयोजित की जा रही श्री शिवमहापुराण कथा में स्वामी आत्मानंद पुरी जी महाराज ने उपस्थित श्रद्धालुओं को कही। कथा में स्वामी जी ने भगवान शिव के जलाभिषेक का महत्व बताते हुए कहा कि भगवान शिव को जाप, भस्म और रुद्राक्ष बहुत अधिक प्रिय हैं। रविवार की कथा में शिवशक्ति योग मिशन एवं गीता भवन कमेटी द्वारा स्वामी जी का जन्मदिवस मनाते हुए भजन कीर्तन व लंगर भी वितरित किया गया। कथा में प्रदीप राठी, चिमनलाल कुक्कड़, गीता भवन कमेटी के सचिव श्यामसुंदर शर्मा व मदनलाल मरेजा सहित अनेक श्रद्धालुओं का सहयोग प्राप्त हो रहा है। 
नाम की दौलत के आगे दुनियाभर की दौलत तुच्छ: पवन कुमार 
पीलीबंगा. नाम की दौलत के आगे दुनियाभर की दौलत तुच्छ है। उक्त विचार संत निरंकारी मिशन के प्रबुद्ध विचारक एवं नोहर शाखा के प्रमुख पवन कुमार ने रविवार को संत निरंकारी भवन में आयोजित संत समागम में संबोधित करते हुए साधसंगत को कहे। उन्होंने कहा कि जैसे वृक्षों में फलदार वृक्षों की महत्ता अधिक होती है वैसे ही मनुष्यों में भी संतों की महत्ता अधिक होती है। क्योंकि ये संत ही समाज को नई दिशा प्रदान करते हैं। सच्चा गुरसिख वही है जो दूसरों के गुनाहों पर पर्दा डालता है। समागम को विवेक कुमार (नोहर) व सोनू रानी(श्रीगंगानगर) सहित केवलकृष्ण सक्सेना, साधूराम, महेंद्र कायथ, रोहित, वंदना कुमार आदि ने भी संबोधित किया। शाखा प्रमुख डॉ. इंद्रजीत आहूजा ने सभी का आभार जताया। मंच संचालन सुशांत कायथ ने किया

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